बंद स्कूलों में शार्टकट से पैसे कमाने का कोर्स कर रह चार युवकों के मंसूबे पूरे नहीं हो सके। पुलिस ने सुराग लगाकर चारों को धर लिया। आरोपियों से स्कूलों से चोरी किया गया 3 लाख से अधिक कीमत का सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, जनवरी माह में विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश के दौरान क्षेत्र के भुरना गांव में प्राथमिक विद्यालय और भुरनी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र, किसान इंटर कॉलेज व प्राथमिक विद्यालयों में चोरी की वारदातें हुई थी। अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर घटनाओं का पता लगा। मामले में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण के नेतृत्व में पुलिस टीमें वारदातों के खुलासे में जुटी थीं। सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से पुलिस ने आरोपियों को चिह्नित कर लिया। बीती रात को ठोस जानकारी मिलने पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रोहित उर्फ लीला, अजीत और सोहित निवासीगण ग्राम भुरना कोतवाली लक्सर व गगन निवासी ग्राम दाबकी कलां कोतवाली लक्सर बताए। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर विद्यालयों से चोरी किया गया 3 लाख से अधिक कीमत का चोरी का सामान बरामद किया गया। कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि आरोपियों में तीन भुरना गांव के हैं उन्हें जानकारी थी कि शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यालय दो सप्ताह से अधिक समय तक बंद रहेंगे। इस दौरान वह आसानी से चोरी को अंजाम देने के साथ ही चोरी के सामान को भी ठिकाने लगा देंगे। घने कोहरे में रात के समय उन्होंने वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। खुलासा करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हरीश गैरोला, दीपक चौधरी, कर्मवीर सिंह, हेड कांस्टेबल मनोज मिनान, दीवान नेगी, पंचम पं्रकाश, कांस्टेबल अरविंद, अनूप, गंगा सिंह, जितेंद्र शामिल रहे।
आरोपियों से यह मिला सामान
लक्सर। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से 1 लैपटॉप, 2 टेबलेट, 5 एलपीजी सिलिंडर, 1 प्रिंटर, 1 म्यूजिक सिस्टम, क्रिकेट बैट, बैडमिंटन, लूडो, शतरंज, फुटबॉल, कनेक्टिंग वॉयर, 2 एलपीजी चूल्हे, 4 वजन तोलने वाली मशीनें, चावल और बर्तन आदि सामान बरामद किया है। इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने बताया कि आरोपी चोरी के सामान को छिपाकर रखे हुए थे। मामला ठंडा होने पर अब वह सामान को बेचने की फिराक में थे।

