कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर बोर्ड को माध्यम बनाकर प्रदेश की बेशकीमती जमीनों और संपत्तियों को चहेतों और बाहरी राज्य के लोगों को सौंपने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि, यूआईआईडीबी के माध्यम से प्रदेश की 1200 एकड़ भूमि और बेशकीमती संपत्तियां विक्रय, पीपीपी मोड और लीज पर दी जा रहीं हैं। मुख्यमंत्री इस पर अपनी मुहर लगा चुके हैं।
बुधवार को लक्सर में आयोजित प्रेस वार्ता में हरिद्वार जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में मसूरी स्थित 30 हजार करोड़ बाजार मूल्य की 142 एकड़ सरकारी भूमि को महज एक करोड़ रुपये प्रति साल की दर से 15 वर्ष के लिए लीज पर दे दिया गया। जबकि उसी भूमि को एडीबी से 23 करोड़ का कर्ज लेकर विकसित किया गया था। लोनिवि के 25 निरीक्षण भवन और अलकनंदा होटल सहित बेशकीमती संपत्तियों नैनीताल में पटुवाडांगर की 14 एकड़ भूमि, देहरादून के विकासनगर में यूजेवीएन की सरकारी भूमि, ऋषिकेश लोनिवि निरीक्षण भवन सहित 18 निरीक्षण भवन और संपत्तियां, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी जनपदों में अरबों की संपत्तियांे को पीपीपी मोड और 90 साल तक की लीज पर देकर बंदरबाट की जा रही है। जिला प्रवक्ता वेदप्रकाश वर्मा संजय ने कहा कि कांग्रेस बहुमूल्य संपत्तियांें की बंदरबाट के खेल को उजागर कर भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को जनता के सामने लेकर आएगी। इसके लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर संपत्तियांे को खुर्द बुर्द होने से बचाया जाएगा। पूरे प्रदेश में इसके लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान पूर्व चेयरमैन जगदेव सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अदनान नवाज खान, जिला उपाध्यक्ष संजीव लोचन मौजूद रहे।

