पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का न्यौता दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के दौरान लक्सर पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में विद्युत बिल बकाया और सरचार्ज माफ किए जाने की घोषणा की थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यदि उन्हें लगता है कि लक्सर की जनता भाजपा के साथ है और सरकार ने क्षेत्र के किसानों एवं आम जनता के लिए पर्याप्त कार्य किए हैं, तो वे लक्सर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरकर जनता के बीच अपनी लोकप्रियता की परीक्षा ले सकते हैं।
सुल्तानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक संजय गुप्ता के वायरल हो रहे बयान को लेकर पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि वोट न देने पर पेट में कीड़े पड़ने जैसा बयान उचित नहीं है। इस प्रकार की भाषा लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता के संवैधानिक अधिकारों का घोर अपमान है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता स्वतंत्र है कि वह अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट दे। किसी व्यक्ति को वोट न देने पर उसके लिए इस प्रकार की अभद्र और भय पैदा करने वाली भाषा का इस्तेमाल करना न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है, बल्कि यह जनता के प्रति मानसिकता को भी उजागर करता है। वोट मांगना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन वोट के बदले जनता को श्राप या धमकी देना लोकतंत्र का अपमान है। स्थानीय एक व्यक्ति के पहाड़ से चुनाव लड़ने के सवाल पर आनंद ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी भाजपा की संकीर्ण और क्षेत्रवादी सोच को सामने लाती है। उत्तराखंड एक है और पहाड़ तथा मैदान को बांटकर राजनीति करना प्रदेश की एकता और भाईचारे के लिए नुकसानदायक है। हरिद्वार सीट पर भाजपा के वर्तमान और पूर्व सांसद भी पहाड़ से रहे हैं। ऐसे लोगों को इस पर भी सवाल करना चाहिए। राजनीति में व्यक्ति का मूल्यांकन उसके जन्मस्थान से नहीं, बल्कि उसके काम, संघर्ष, विचार और जनता के प्रति समर्पण से होना चाहिए। भाजपा नेताओं को क्षेत्रवाद का चश्मा उतारकर उत्तराखंड की जनता को एक नजर से देखना चाहिए।

