जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 26 से 31 अक्तूबर तक चलाए गए सुरक्षित बचपन अभियान का शनिवार को समापन हो गया। अभियान के तहत शुक्रवार और शनिवार को राइंका और राकउमावि मुंडाखेड़ा कलां, राइंका निरंजनपुर, राकउमावि खेड़ी, सनातन धर्म कउमावि लक्सर, सरस्वती बाल सदन हाईस्कूल लक्सर और पीडीएस इंटर काॅलेज लक्सर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ललिता सिंह, सिविल जज (जूनियर डिविजन) पल्लवी गुप्ता और न्यायिक मजिस्ट्रेट लवल कुमार वर्मा ने कहा कि, बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। इसके लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की, कि कहीं भी बाल अधिकारों का उल्लंघन दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें। शिविर में बोलो, बताओ, बचाओ विषय पर आयु, उपयुक्त शारीरिक सुरक्षा सत्र में सुरक्षित व असुरक्षित स्पर्श, भरोसेमंद व्यस्कों की पहचान, शिक्षकों और अभिावकों के संवेदीकरण, घटना के खुलासे, रिपोर्टिंग और सहायता तंत्र, पोक्सो एक्ट, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा, पुलिस सहायता सहित विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में एडीजीसी सुक्रमपाल सिंह, बाल संरक्षण कमेटी अध्यक्ष प्रियबंधु, एडवोकेट प्रशांत चैहान सहित अधिवक्ता, शिक्षक, अभिभावक और प्राधिकरण के अधिकार मित्र मौजूद रहे।

