फोरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबने का मामला एआई बेस्ड फॉरेक्स ट्रेडिंग और बिटकॉइन ऑफर कर लोगों को लुभाने वाली बॉटब्रो कंपनी से जुड़ा है। इसके तार मुजफ्फरनगर जनपद से लेकर दुबई तक फैले हैं। मूलरूप से मुजफ्फरनगर जनपद निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब ने दुबई में बैठकर एजेंट्स के माध्यम से उत्तराखंड ही नहीं, उत्तरप्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल सहित कई राज्यों में लोगों को निवेश पर 5 फीसदी से अधिक मासिक रिटर्न और कंपनी की क्रिप्टो देकर करोड़ों कमाने के सपने दिखाए। मामला 3 हजार करोड़ से अधिक के निवेश और धोखाधड़ी से जुड़ा है। लक्सर क्षेत्र में ही 250 से अधिक निवेशकों की 10 करोड़ से अधिक की रकम फंसी होने का अनुमान है। क्यूएफएक्स के नाम से आरंभ हुई कंपनी में 40 हजार और इससे अधिक की रकम का निवेश कराई गई। निवेशकों को 5 फीसदी रिटर्न और दूसरे लोगों को भी जोड़ने पर अलग से इंसेंटिव दिया गया। सीधे बैंक खाते में अच्छा रिटर्न मिलने पर निवेशकों की संख्या और निवेश की रकम बढ़ती गई। इस बीच लविश चौधरी ने दुबई में संपत्तियों में निवेश करने के साथ क्रिकेट टीम की स्पांसरशिप और रियल स्टेट कारोबार में निवेश किए। अधिक रकम निवेश करने वाले निवेशक और एजेंटों को दुबई में आयोजनों में भी शामिल किया गया। लेकिन प्रवर्तन एजेंसियों के रडार पर आने के बाद जब छानबीन शुरू हुई तो कंपनियों के नाम और वेबसाइट्स बदलकर आंखों में धूल झांकी गई। लेकिन बीते साल यूपी में एक एजेंट से 90 लाख से अधिक की बरामदगी और ईडी की कार्रवाई के बाद निवेशकों के खातों में रिटर्न आना बंद हो गया। इस दौरान एजेंट निवेशकों को शीघ्र मुनाफे के साथ उनकी रकम वापस आने का दिलासा देते रहे। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी निवेशकों को रकम वापस नहीं मिली। वहीं, लविश की ओर से वीडियो संदेश में लगातार निवेशकों को उनकी रकम मुनाफे के साथ वापस करने का भरोसा दिलाया जा रहा है।
क्रिप्टो से करोड़पति बनने के दिखाए सब्जबाग
निवेश पर रिटर्न के साथ कंपनी ने निवेशकों को वर्चुअल क्रिप्टो करेंसी भी दी गई। दावा किया गया लांच होने पर एक क्रिप्टो की कीमत कम से कम 10 डॉलर होगी। इसके जरिए निवेशक आने वाले समय में करोड़ों का मुनाफा कमा सकेंगे। लेकिन क्रिप्टो लांच ही नहीं किया गया।
भूमिगत हुए भरोसा देने वाले एजेंट
एजेंटस ने लोगों को भरोसे में लेकर उनसे कंपनी में निवेश कराया। इस दौरान प्रत्येक निवेश पर उन्हें मोटा कमीशन मिला। लेकिन पैसा फंसने के बाद अब अधिकांश एजेंटस या तो भूमिगत हो गए हैं, अथवा मामले से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। कई लोगों ने 20 से 40 लाख तक का निवेश किया है। इनमें कइयों की जीवनभर की जमा पूंजी तक शामिल है।

