ब्लॉक के महतौली गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने शिक्षा विभाग पर सवाल उठाए हैं। विद्यालय में 35 से 40 विद्यार्थियों की पढ़ाई का जिम्मा केवल एक शिक्षक के कंधों पर है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही विद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व राज्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से शिक्षकों की संख्या बढ़ाने और मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की है।
रविंद्र सिंह आनंद ने बताया कि ग्रामीणों से विद्यालय में शिक्षकों की कमी और अव्यवस्थाओं की जानकारी मिलने पर उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि विद्यालय में एक ही शिक्षक तैनात है। शिक्षक को बच्चों को पढ़ाने के साथ विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। ऐसे में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाना चुनौती बना हुआ है। उन्होंने विद्यालय परिसर में बने शौचालयों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताई। परिसर में उगी झाड़ियों के कारण भी खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद विद्यालय में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी चिंताजनक है।पूर्व राज्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी को अवगत कराते हुए विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी ने दो दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

