विधानसभा चुनाव की आहट के बीच लक्सर की सियासत में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी धीरे-धीरे रंग पकड़ने लगा है। हुसैनपुर गांव में एक शोकसभा के दौरान कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र सिंह आनंद और पूर्व विधायक संजय गुप्ता के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। बात एक वायरल वीडियो से शुरू हुई और मामला तहरीर तक पहुंच गया। अब इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र की सियासी गर्माहट से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक पक्ष के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करता नजर आया। मामले में दूसरे पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। इसके बाद पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने युवक की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उसे पूर्व विधायक संजय गुप्ता का रिश्तेदार बताया था।
पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा था कि युवक से उनका कोई संबंध नहीं है और न ही वह उनका रिश्तेदार है। उनका कहना था कि उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए बेवजह उनका नाम इस प्रकरण से जोड़ा जा रहा है।

इसी मुद्दे पर सोमवार को हुसैनपुर में आयोजित शोकसभा के दौरान दोनों नेताओं की आमने-सामने बातचीत हो गई। बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा छिड़ गई। पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने इसके बाद कोतवाली पहुंचकर पूर्व विधायक पर अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी।
आनंद ने कहा कि शोकसभा जैसे गंभीर अवसर पर इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। वहीं, संजय गुप्ता ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल वायरल वीडियो में नजर आ रहे युवक से किसी भी प्रकार का संबंध नहीं होने को लेकर अपना पक्ष मित्रवत तरीके से रखने का प्रयास किया था।

