एक युवक को बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर दो युवकों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद युवक का बैंक खाता खुलवाकर म्यूल खाते के तौर पर उसका इस्तेमाल आॅनलाइन धोखाधड़ी कर हड़पी गई रकम को इधर से उधर करने में किया गया। आरोपियों ने महज 10 दिनों में ही बैंक खाते में 7 लाख से अधिक का लेनदेन कर दिया। आरोप है कि, यह रकम आॅनलाइन फ्राॅड से हड़पी गई थी। लेनदेन की जानकारी होने पर युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई। युवक ने बैंक खाता फ्रीज कराने के साथ ही पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने खानपुर थाना क्षेत्र के दो आरोपी युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार जनपद के लक्सर कोतवाली क्षेत्र के बसेड़ी गांव निवासी गोविंद ने शिकायत में बताया कि आरोपी बंटी के साथ उसकी जान पहचान थी। बंटी ने 31 जुलाई की सुबह उसे कहा कि वह उसका लोन करा देगा, इसके लिए वह अपना बैंक खाता खुलवा ले। इसी दिन दोपहर में आरोपी बंटी व रोहित निवासी ग्राम लालचंदवाला थाना खानपुर और दो अन्य युवक उसे मिले आरोपी उसे अपने साथ सुल्तानपुर में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की शाखा में लेकर गए और उसका बैंक खाता खुलवाया। इस दौरान पासबुक और एटीएम कार्ड उन्होंने स्वयं रख लिया और 10 – 15 दिनों में लोन की रकम उसके खाते में आने का आश्वासन दिया। गोविंद के अनुसार, उन्होंने 4 – 5 दिनों के बाद मिनी सेंटर पर जाकर खाते की जानकारी की तो पता लगा कि उनके खाते में 5.60 लाख का लेनदेन हो चुका है। इस पर वह बैंक पहुंचे और नंबर अपडेट कराने के साथ ही खाता फ्रीज करा दिया। लेकिन 11 अगस्त को उनके खाते से एटीएम के जरिये रकम निकलने का मैसेज आया। वह दोबारा बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों से फ्रीज खाते में लेनदेन की बाबत पूछा तो बैंक अधिकारियों ने एटीएम ब्लाॅक नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने एटीएम ब्लाॅक कराया। बैंक स्टेटमेंट लेने पर उनके खाते में 7,10,646 रुपये का लेनदेन होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वह पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने आरोपी युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
आॅनलाइन धोखाधड़ी में हो रहा म्यूल खातों का इस्तेमाल
लक्सर। जनपद में आॅनलाइन धोखाधड़ी कर ठगी गई रकम ट्रांसफर करने और निकालने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल हो रहा है। पिछले दिनों पुलिस जांच में ऐसे 100 से अधिक खातों की जानकारी सामने आई थी। लक्सर क्षेत्र में भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। अब एक और नया मामला सामने आने के बाद पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर गहनता से मामले की जांच मंे जुट गई है।
चालाकी से बदला मोबाइल नंबर
लक्सर। आरोपी युवकों ने चालाकी दिखाते हुए युवक का बैंक खाता खुलवाने के दौरान उसके मोबाइल नंबर के बजाय अपना मोबाइल नंबर खाते से जुड़वा दिया। ताकि, मैसेज से युवक को खाते में लेनदेन का पता न लग सके। मामले में युवक के अधिकारियों को जानकारी देने और खाता फ्रीज कराने के बावजूद बैंक अधिकारियों ने एटीएम ब्लाॅक नहीं किया। इसके चलते खाता फ्रीज होने के बावजूद उसमें से रकम निकाल ली गई।

